सरकार भरोसे पर चल रही, इसमे चिल्लम-पो क्या करना। भारत मे सबसे ज्यादा उत्पाद भरोसे का होता है, सबसे ज्यादा खपत भी भरोसे का ही होता है। हम सदियों से यह भरोसा करते आ रहे कि इक्षाधारी नागिन होती है और आज भी इसी भरोसे के कारण भारतीय सीरियल में सबसे ज्यादा टी आर पी बटोरने वाली सीरियल नागिन 1 और नागिन 2 है, औऱ दर्जनों फ़िल्म, सीरियल बनते आ रही है।
हमे भरोसा है कि पृथ्वी के अंत तक "भरोसा" ही भरोसे के काबिल है। पूरब भूत से जितना मोह करता है उतना ही आशाएँ भविष्य से रखता है।। और पश्चिम वर्तमान को महत्व देता है।
इसलिये पूरब में संग्रह करने की क्षमता है।इसलिये तो हम कूड़े वाले को भी कूड़ा देते वक्त कुछ सामान छांट लेते है कि क्या पता कल काम आ जाये.. फिर एक बड़ा सा स्टोर रूम में ऊंघता समान कल अपने उपयोग में आने का इंतजार कर रहा होता है।
और सरकार तो भारतीयों की नब्ज अच्छे से पकड़ती है इसलिये तो आने वाले समय मे " अच्छे दिन" का भरोसा देती रही है। नोटबन्दी के समय मे ट्रेन में सफर करते हुये एक सज्जन बार बार यही कह रहे थे- आने वाले समय मे अच्छा होगा, मुझे भरोसा है। मैंने पूछा - क्या अच्छा होगा? बोले जो होगा सो अच्छा होगा, आप देखते जाइये.. मैं अभी तक देख रहा हूँ.. क्योकि मुझे भी उसके भरोसे पर भरोसा था।
15 लाख वाला जिक्र करके मैं सरकार विरोधी नही बनना चाहता। मैं अपने को 73% भारतीय से अलग क्यो रखूं।
कल एक महोदय बीच सड़क पर अपने व्हाइट ह्युंडई कार का गेट खोलकर पच्च से पान का पीक फेंककर तारकोल की सड़क को लाल कर दिए, और चलते बने... मुझे भरोसा था एक दिन सारे भारतीय स्वच्छता अभियान को सफल बनाएंगे।
हमे भरोसा है भारतीय रेल समय से गुजरेगी..
हमे भरोसा है बेरोजगारी किसी रोज हमसे बहुत दूर चली जायेगी...
हमे भरोसा है गरीबी को हम यहाँ वहाँ ढूंढते फिरेंगे...
हमे खूब भरोसा है...
अक्सर ट्रैन बसों में.. तांत्रिक बंगाली बाबा के पोस्टरों को देखता हूँ जिसमें 100% भरोसा दिया जाता है कि आप सौतन से छुटकारा पा सकते है, प्रेम विवाह में सफलता पा सकते है, मनचाहा नौकरी भी पा सकते है.. जिसे अब तक सरकार देने में असमर्थ रही है वो बाबाओं के शरण मे आप आसानी से पा सकते है।
Tv चैनलो पर बाबा जब घर के पश्चिम के कोने में रखे जूते से आपके इस वर्ष नौकरी का संयोग नही होने की बात बताते है तो मैं "भरोसामय" हो जाता हूँ.. समस्या है तो समाधान कोई ना कोई तो बेचेगा ही.. आपको उसके पैकेजिंग पर भरोसा क्यों ना हो... किसी दिन बाबा बोले कि बिना फॉर्म भरे भी आपको नौकरी का लेटर आ सकता है.. तो मैं एक किलो मोतीचूर का लड्डू खुद लेकर जाऊ उनतक...
किसी इंडेक्स में तो भारत ऊपर है, और आप खामखाँ परेशान है। धत्त......
ॐ भरोसाय नमः
- by Gaurow gupta
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